WordPress Optimization Kaise Kare? 17 Important WordPress SEO Tips in Hindi

WordPress optimization (WordPress SEO) करने के लिए इसके default setup में कुछ बदलाव करके वर्डप्रेस के डेटाबेस में कुछ फंक्शन insert करेंगे। जिससे WordPress search engine के लिए perfectly optimized हो जाएगा।। WordPress optimization से ब्लॉग के रैंक होने के ज्यादा चांस होता है।

WordPress Website optimize Kaise Kare? 17 WordPress SEO Tips in Hindi

Optimize setup start करने से पहले बेसिक चीजों पर discuss कर लेते है, जिससे आपको Blog personalise करने में आसानी हो।

WordPress Optimization क्या है?

WordPress optimization, किसी blog को search engine के लिए तैयार करने का एक process है या हम कुछ इस तरह से define कर सकते है कि यह custom setup process है जिससे हम वर्डप्रेस के settings और database में कुछ बदलाव करते है, ताकि सर्च इंजन के क्रॉलर को अपने contents को आसानी से समझा सके और साथ ही हमारे साइट की स्पीड इंक्रीज कर सके।

Website optimization क्यों जरुरी है?

Optimization का सीधा अर्थ है किसी भी search engine को वेबसाइट तक पहुंचने के लिए तैयार करना, क्योकि अगर सर्च इंजन हमारे वेबसाइट तक नहीं पहुंचा तो search engine bot content को नही पढ़ पाएगा। इससे हमारा वेबसाइट रैंक नही कर पाएगा।

जब हम कोई ब्लॉग या वेबसाइट बनाते है, तो उसके पीछे कुछ न कुछ reason रहता है। जैसे कि income, branding, selling, advertising etc. इन goal को archive करने के लिए आपके साइट का यूजर तक पहुंचना जरुरी है और ये तभी संभव है जब आपका साइट optimized रहेगा।

एक छोटा सा Example देखते है, मान लो मैंने एक इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम का दुकान खोला है और मेरी दुकान ऐसी जगह पर है जहा जाने का कोई रास्ता ही नहीं है, और न ही मैने अपने दुकान के बारे में किसी को बताया है।

इस कंडीशन में लोग मेरी दुकान तक नहीं पहुंच पाएंगे। यहाँ मैं अपनी दुकान तक लोगो को पहुंचने के लिए सबसे पहले एक रास्ता तैयार करूँगा इसके बाद अपनी दुकान के सामने एक Branding board लगाऊंगा फिर जहाँ से मैंने रास्ता बनाया वह एक sign board लगाऊंगा फिर लोग मेरी दुकान को जानने लगेंगे और दुकान तक पहुंच भी जाएंगे।

इस example से आप समझ ही गए होंगे कि क्यों Website optimization जरुरी है।

Search engine Blog को कैसे समझता है? How to understand search engine blog’s?

ये जानना आपके लिए बहुत आवश्यक है क्योकि इसी के अनुसार आपको अपने WordPress को optimize करना है। जब Search engine Crawler आपके साइट को ढूंढ लेता है तो वह वेबसाइट के sitemap के जरिये सभी पोस्ट तक पहुँचता है, इसके बाद crawler सभी पोस्ट को अच्छे से समझ लेता है। समझने के बाद साइट के कंटेंट्स को अपने सर्वर में कीवर्ड के साथ index कर लेता है।

सर्च इंजन आपके वेबसाइट को किस location पर कौन से user को दिखाना है ये समझने के लिए आपके WordPress language, time zone, country आदि का इस्तेमाल करता है। अब देखते है कि कैसे आप अपने WordPress को optimize सकते करते है।

WordPress Website Optimize kaise kare? WordPress SEO Tips

WordPress SEO करने के लिए इसके default setup में कुछ बदलाव करके वर्डप्रेस के डेटाबेस में कुछ फंक्शन insert करेंगे। जिससे WordPress perfectly optimized हो जाएगा।

1. Reliable hosting service इस्तेमाल करें

जब भी हम वेबसाइट बनाते है सबसे होस्टिंग खरीदने की बात सामने आती है। जब हम hosting plan देखते है तो हमे महंगी और सस्ती दोनो टाइप के प्लान मिल जाते है, दोनों में लगभग एक जैसे features होते है। इस कंडिशन में हम पैसे बचाने के लिए cheap और घटिया होस्टिंग लेने की गलती कर देते है।

उसके बाद होस्टिंग में बहुत सी दिक्कते आने लगता है, जैसे server slow, uptime problem, site hacking, overload etc. इन सब दिक्क्तों के बाद हमें याद आता है कि हमने सस्ती होस्टिंग लिया था। और तब तक हमारे पैसे डूब चुके होते है।

इन सभी प्रॉब्लम से बचने के लिए अपने hosting service सोच समझ कर ही लें। होस्टिंग खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करे कि निचे दिए features आपके होस्टिंग सर्विस में शामिल हो।

  • 99.99 percent uptime
  • 24×7 customer support
  • SSD Storage
  • Email services
  • SSL certificate
  • More than one website capability
  • Migrate service
  • Secured service
  • Powerful control panel
  • 1 click WP installer

2. XML Sitemap बनायें और search console में submit करें।

Xml Sitemap Crawler को वेबसाइट के content तक पहुंचाता है। बिना sitemap के सर्च इंजन बोट्स Contents को नही पढ़ पाएगा। xml sitemap वेबसाइट में मौजूद contents के URL का लिस्ट है जिसके माध्यम से बोट्स किसी पेज तक पहुंच पाता है।

जब हम server में wordpress install करते है तो इसमें sitemap.xml file default रहता है, इसीलिए आपको घबराने की जरुरत नहीं है। लेकिन एक बार जरूर चेक कर लेना है कि आपके WP में यह फाइल है या नहीं। चेक करने के लिए सर्च बार में टाइप करे https://example.com/sitemap.xml example.om के स्थान पर अपना Domain name डालें और सर्च कर दे। यदि आपको 404 error आता है तो आपके साइट में sitemap नहीं है।

अगर आपके साइट में साइटमैप नहीं है तो आप इसे दो तरीके से बना सकते है। पहला अपने वर्डप्रेस में rank math seo plugin add करे ये automatically sitemap generate कर देगा। या फिर आप दूसरे मेथड का इस्तेमाल कर सकते है जिसमे आपको मेनुअली तरीके से sitemap अपने database में लगाना होगा।

अब इस साइट मैप को सर्च कंसोल (search engine webmaster tools) में submit करे। इससे सर्च इंजन को साइट के बारे में पता चल जाएगा और वह साइट के कंटेंट को क्रॉल करना शुरू कर देगा।

3. SSL Certificate install करें

SSL certificate वेब सर्वर में होने वाले data transfer के लिए encrypted protocol create करता है। इससे यूजर के browser और सर्वर के मध्य होने वाले सभी डाटा ट्रांसफर Secure रहते है।

Google ने 2014 में वेबसाइट में SSL Install करने के लिए announcement किया था। announcment के बाद जिन साइट ने SSL इनस्टॉल किया उसके रैंकिंग में कोई प्रभाव नहीं पड़ा लेकिन जिस वेबसाइट ने SSL इनस्टॉल नहीं किया उनकी रैंकिंग बहुत जल्दी गिरने लगा। 2014 के बाद से गूगल उन्ही blogs को priority दे रहा है जिसमे SSL Certificate Installed है।

आपको बहुत से Free SSL Certificate मिल जाएंगे जो आप साइट में लगा है। आजकल Hosting server Free SSL Certificate Provide करती है। किसी third party सर्विसेस का SSL Install करने से पहले Hosting Provider से बात करना चाहिए। यदि आपके Hosting plan में SSL होगा तो यह आपके लिए Free में इनस्टॉल किया जाएगा।

Cloudflare, trusted CDN service provider है जो फ्री एस एस एल सर्टिफिकेट प्रोवाइड करता है, आप यहाँ से SSL Certificate Install कर सकते है।

4. Content delivery network इस्तेमाल करें

Content delivery network, website के कंटेंट को यूजर तक तेजी से deliver करता है, इस प्रोसेस के लिए cache का इस्तेमाल किया जाता है। जब किसी वेबसाइट में CDN Service Install होता है तो यह सर्विस उस वेबसाइट का cache file अपने सर्वर में distribute कर देता है।

जब कोई यूजर उस वेबसाइट को एक्सेस करता है तो CDN Service यूजर के location को Track करके सबसे नज़दीकी सर्वर से फाइल को यूजर तक deliver करता है। यदि आपका साइट ग्लोबल टॉपिक को फॉलो करता है तो यह सर्विस आपके कंटेंट को बहुत जल्द यूजर के ब्राउज़र में ओपन कर देता है जिससे यूजर को ज्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।

इस सर्विस को आप Cloudflare से free में इस्तेमाल कर सकते है। जब आपकी जरूरत अधिक होने लगेगा तो आप इसे Paid plan में upgrade भी कर सकते है।

5. CSS, Java, और HTML Code को minify करें

Developer के द्वारा लिखा गया कोड Human Readable होता है इसे human और कंप्यूटर दोनों आसानी से पढ़ सकते है जैसे की आप निचे example में देख सकते है। लेकिन कंप्यूटर के हिसाब से इसमें Extra space है जो Charecter Size को बढ़ा देता है और execute होने के टाइम पर count होता है।

#red {
  font-size: 1em;
  color: red;
}

लेकिन इस कोड को minify करने पर कंप्यूटर Code को एक लाइन में समझ सकता है जैसे कि निचे दिया है। यहाँ पर कोई Space नहीं है जो extra charecter size बढ़ाता हो। यह कोड execute होने में पहले वाले code से कम समय लेता है।

#red{font-size:1em;color:red;}

अगर हम अपने साइट के सभी कोड को minify करे तो सभी कोड में उपलब्ध Extra space remove हो जाएंगे और पूरी वेबसाइट लोड होने में बहुत ही कम समय लगेगा।

सभी Code को मैन्युअली तरीके से minify करना संभव नहीं है, क्योकि एक वेबसाइट में लाखो से भी ज्यादा Line लिखी होती है। लेकिन आप Light speed cache plugin का use करके आसानी से Code minify कर सकते है।

Light speed cache plugin द्वारा कोड minify करने के लिए इसे अपने वर्डप्रेस में इनस्टॉल करें और activate करके Dashboard > LightSpeed Cache > Page Optimization पर जाये, इसके बाद Settings 1, 2, और 3 में जाकर minify option को ऑन कर दें।

CSS code manify

इसके अलावा आप Hummingbird plugin का भी इस्तेमाल कर सकते है।

6. Site Visibility setting को चेक करें

Website को सर्च इंजन द्वारा क्रॉल करने और SERP’s में लाने के लिए आपके साइट का सर्च इंजन के लिए Visible होना आवश्यक है। यदि आपका साइट Visible नहीं है तो सर्च इंजन इसे देख नहीं पाएगा। Search engine visibility को चेक करने के लिए Dashboard >Settings > Reading में जाएँ और सुनिश्चित करे कि “Search engine visibility” चेकबॉक्स Unchecked है। यदि यह बॉक्स checked है तो इसे Unchecked कर लें।

Discourage search engines from indexing this site

7. Permalink seo friendly रखें

Permalink Webpage का Address है, यह एड्रेस जितना आसान और सरल रहेगा उतना ही आपका webpage optimized होगा। WordPress में 5 prebuild permalink setup option है।

  • Plain
  • Day and name
  • Month and name
  • Numeric
  • Post name

इसमें से आप किसी को भी सेलेक्ट कर सकते है। इसके अलावा आप Custom Pemalink Structure भी बना सकते है।

दिए गए Permalink Structure में Post Name के अलावा सभी structure में क्रॉलर एक या अधिक पेज से होकर गुजरता है, लेकिन Post Name Permalink structure में क्रॉलर सीधे End Page में पहुँचता है और permalink में post से related इनफार्मेशन होने से सर्च इंजन कंटेंट को जल्दी समझ लेता है। इसीलिए Post name permalink structure Well optimized और SEO friendly है।

SEO friendly permalink link structure

8. Image file optimized करें

Post में Image का इस्तेमाल करने से Post का SEO Score increase होता है। इससे Page Ranking के चांस बढ़ जाते है। मगर इसके लिए आपको अपने आर्टिकल में इस्तेमाल किए जाने वाले इमेज को सर्च इंजन के लिए Optimize करना होगा, नहीं तो आपका Webpage heavy image के कारण Slow हो जाएगा।

इमेज साइज कंप्रेस करें : सबसे पहले आपको इमेज के साइज को ऑप्टिमाइज करना है। जब हम किसी royalty free image source से इमेज डाउनलोड करते है या Creator tool से इमेज बनाते है तो Image Size बहुत अधिक होता है अगर हम ऐसे इमेज को सीधे अपने article में इस्तेमाल करते है तो Large Image Size की वजह से हमारा Webpage Slow loading होगा। इस इमेज को अपलोड करने से पहले Image compressor tool से compress करने पर इसका साइज छोटा हो जाएगा जिससे साइट की स्पीड भी अच्छी रहेगी।

इमेज को डिस्क्राइब करे : पोस्ट के अंदर इस्तेमाल किए जाने वालें Image को यूजर देखकर आसानी से समझ सकते है, लेकिन Search engine देख नही पाते इसलिए इस इमेज को सर्च इंजन के समझने लायक बनाना आवश्यक है तभी आपका Image optimize होगा और रैंकिंग को इंक्रीज करेगा। इमेज को Search engine के लिए Describe करने के लिए इमेज के alt text वाले सेक्शन में इमेज के बारे में लिखे। Search engine इमेज को समझने के लिए Alternative text (Alt text) का उपयोग करतें है, इसीलिए जितना अच्छा alt text use करोगे आपका इमेज उतना ज्यादा Optimized होगा।

9. Responsive theme इस्तेमाल करें

किसी भी blog/website के लिए उसका Theme (UI) बहुत important हैं, थीम अच्छी होने पर साइट यूजर को अट्रैक्ट करता है साथ में smoothly user experience देता है। आजकल सभी यूजर आर्टिकल पढ़ने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते है। गूगल ने भी यह announced कर दिया हैं की mobile first theme ( Mobile responsive theme) को प्रायोरिटी देंगे। इस कंडीशन में साइट को रैंक करने के लिए हमेशा एक responsive theme को ही इस्तेमाल करे। जिससे आपका साइट desktop, tablet और Mobile सभी के लिए optimize हो और cumulative layout sifting भी आसानी से हो जाए।

10. Limited plugin इस्तेमाल करें

WordPress की सबसे खास बात यही है कि आप इसमें plugin इस्तेमाल करके अपने साइट को बिना Coding knowledge के भी customize कर सकतें है। आपको केवल plugin add करके उसे Setup करना है। लेकिन क्या आपको पता है कि सभी plugin एक जैसे नही होते। कहने का मतलब यह है कि कुछ plugin site को हैंडल करने के लिए साइट में cache बनाते है और कुछ बहुत ज्यादा कोड add कर देते है जिससे website slow होने लगते है।

एक रिसर्च के अनुसार जब साइट में ऐसे प्लगिन को यूज करते है जो अधिक (unusable code lines) कोड को साइट में add कर देते है तो वह कोड webpage loading के समय बिना किसी यूज के लोड होते रहता है, जैसे कि bug/other report feedback के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कोड। ऐसा कोड आपके साइट के लोडिंग के लिए कुछ काम का नही है मगर लोड टाइम को बढ़ा सकते है। इसके साथ ही यदि आपके साइट में ऐसा प्लगिन एक्टिव हैं जिसे अब आप इस्तेमाल नही करते या साइट के लिए कोई यूज़ नही हो रहा है, तो यह भी आपके साइट लोड होते समय लोड होगा और साइट को Slow करेगा। यदि ऐसे ही बिना काम का बहुत सारे प्लगिन साइट में एक्टिव है तो आपका साइट बहुत Slow हो जाएगा।

इससे बचने के लिए क्या करें? आप इस तरह के Unusable plugins से बचने के लिए अपने साइट में सिर्फ जरूरत की Plugin use करें। जो प्लगिन अब इस्तेमाल नही हो रहे उसे delete कर दे और Web cache क्लियर कर दें। कई ऐसे प्लगिन है जो आपके साइट के लिए आवश्यक है मगर default रूप से एक्स्ट्रा फंक्शन add कर रहा है, तो इस तरह के प्लगिन को आप इसके सेटअप मेनू में जाकर अपने जरूरत के अनुसार optimize कर ले। अपने सारे प्लगिन के सेटअप में जाकर ऑटोमैटिक send report वाले ऑप्शन को बंद कर दे।

अब बहुत सारे यूजर के मन में यह सवाल आता है कि हमे एक वेबसाइट में कितने प्लगिन रखने चाहिए। इसका जवाब fix number नही है, क्योंकि सभी प्लगिन का working system अलग रहता है। कोई प्लगिन सिंपल होता है तो किसी में एक्स्ट्रा फंक्शन रहता है। यदि आपका होस्टिंग अच्छी है तो आप 40 से 50 प्लगिन भी इस्तेमाल कर सकतें है, लेकिन प्लगिन के परफॉर्मेंस को देखकर।

11. Website के database को updated रखें

Website database (php, wordpress, plugin, theme etc.) आपके सर्वर में स्टोर रहते है जो third party assets है। इस एसेट्स को हैंडल करने वाली company regular update लाती रहती है, यह अपडेट कई कारण से आ सकता है। जैसे कि security बढ़ाने या security database update करने, नए features को जोड़ने, Bug में सुधार करने, यूजर एक्सपीरियंस को अच्छा करने और अल्गोरिथ्मिक बदलाव आदि इन सभी पर कंपनी regular work करते रहता है।

इन सभी update से आपका साइट search engine के लिए well optimized रहेगा। इन updates की सबसे खास बात यह है कि जब भी सर्च इंजन कोई नया एल्गोरिथ्म लाते है ये कंपनी उस एल्गोरिथ्म को cover करने के लिए algorythmic based update launch कर देता है जिससे आपके साइट की रैंकिग पर प्रभाव नहीं पड़ता।

यदि आप अपने डेटाबेस को अपडेट नहीं करते तो आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे वेबसाइट हैक होने का खतरा बना रहता है, आपके ब्लॉग की रैंकिंग गिर सकती है, आपका website slow हो सकता है, आपका वेब new features को support नहीं करेगा इस तरह के बहुत से परेशानी आपके वेब पर आ सकता है।

इन सभी परेशानियों से बचने के लिए और wordpress को optimized रखने के लिए आपको अपने server database को regular update करना चाहिए।

WordPress security Guide Hindi Mein

12. Well Optimized themes को इस्तेमाल करें

Themes, website को customise करने का बेहतर टूल्स है, आजकल मार्केट में आपको करोड़ो थीम मिल जाएंगे, जिसमे free theme और paid themes दोनों शामिल है। यह थीम वेबसाइट के visual design को improve और personalize करता है। themes के मदद से आप अपने web design को atractive बना सकते है।

कुछ साल पहले तक थीम्स केवल डिज़ाइन को improve करता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब themes किसी खास बिज़नेस के लिए optimized किया जाता है। जैसे इ-कॉमर्स बिज़नेस के लिए, ब्लॉग्गिंग के लिए अलग अलग optimized themes मिल जाएगा। साथ ही अब themes में schema optimization inbuild रहता है, आपका कंटेंट आटोमेटिक breadcrumb और blogpost schema को सपोर्ट करने लगते है इसके लिए आपको अलग से स्कीमा कोड नहीं लगाना पड़ता।

Well optimized themes इस्तेमाल करने का यही मतलब है कि आपको अपने बिज़नेस के according optimize themes को ही अपने web में install करना चाहिए ताकि आपके कंटेंट को ये थीम उसी base पर optimize करे। इसके साथ ही आपको इस बात का ध्यान रखना है कि आपका theme light weight और responsive हो।

13. SEO Plugin install करें

Server में केवल WordPress Install करने से वेबसाइट Better perform नहीं करता। जब सर्वर में वर्डप्रेस इनस्टॉल किया जाता है, तो उसमे Default setup रहता है जो किसी खास category के लिए optimized नहीं रहता, बल्कि कुछ default settings के साथ इनस्टॉल होता है।

इसमें हम अपनी जरुरत के अनुसार बदलाव करके Website performance को बेहतर बना सकते है। मगर सभी बदलाव अपने हाथो से करना possible नहीं है। खास कर उन beginners के लिए जिसे coding बिलकुल नहीं आता। इस कंडीशन में हमें किसी developer को hire करना पड़ता है और इसका खर्च बहुत आता है। मगर SEO Plugin जैसे Rank math, Yoast SEO के मदद से हम अपने साइट को बिना किसी तरह की कोडिंग लिखे अच्छे से optimized कर सकते है।

SEO plugin आपको सभी फीचर्स (Free/Paid) देते है जिससे वेबसाइट किसी Specific Business के लिए optimized हो सकता है। बस आपको इस Plugin के Setup menu में जाकर मांगी गई जानकारी भरनी है। इस प्लगइन की हेल्प से आप अपने वेबसाइट का Technical और Advanced seo कुछ ही मिनटों में कर सकते है। मै आपको Rank math SEO Plugin यूज़ करने की सलाह दूंगा क्योकि मै personally इसे इस्तेमाल करता हूँ। Rank math आपको सभी SEO features प्रोवाइड करते है।

14. Image lazy load plugin install करें

Webpage Loading के समय पेज के elements step by step load होते है, इस कंडीशन में जब इमेज की लोड होने की बारी आती है तो यह इमेज एलिमेंट्स लोड होने में Text File से जयादा समय लेता है जिससे आपका पेज Slow load होता है। अगर वेबपेज में इमेज फाइल का इस्तेमाल नहीं करते है तो यह पेज इमेज वाली पेज के मुकाबले जल्दी लोड हो जाएगा, लेकिन बिना इमेज के webpage optimization score गिर जाता है और पेज Well optimized नहीं रह जाता है। यदि किसी article में इमेज का यूज़ किया जाता है तो यह arround 1000 शब्दों के सामान रहता है।

इस कंडीशन में हमें BlogPost में इमेज भी लगानी है और उसे फ़ास्ट लोड भी कराना है। इसका सबसे अच्छा solution है lazy load feature. Lazy load feature webpage के इमेज को तब तक लोड होने नहीं देती जब तक वह यूजर के स्क्रीन में नहीं आ जाता।

Lazy load कैसे काम करता है? जब यूजर किसी BlogPost को खोलता है तो उस पेज के सभी टेक्स्ट एलिमेंट्स लोड हो जाते है और lazy load के कारण कोई इमेज लोड नहीं होता। अब जैसे ही यूजर आर्टिकल को पढ़ते हुए इमेज एलिमेंट्स पर पहुँचता है उसी समय यह फीचर उस इमेज को लोड कर देता है। इससे आपका वेबसाइट भी फ़ास्ट रहेगा और इमेज का इस्तेमाल भी हो जाएगा।

15. Homepage को ऑप्टिमाइज़ करें

Homepage वेबसाइट का landing page है। जब कोई यूजर आपके साइट पर डायरेक्ट विजिट करेगा तो वह Browser के address bar में आपके साइट का एड्रेस टाइप करेगा जो सीधे आपके वेबसाइट का होमपेज ओपन करेगा। यदि आपका होमपेज ऑप्टीमाइज़्ड नहीं है तो यूजर को स्लो लोडिंग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिससे यूजर आपके साइट को छोड़कर जा सकते है।

इस समस्या से निपटने की रणनीति पहले से तैयार रखे ताकि आपका होमपेज फ़ास्ट लोड हो। Home page optimize करने के लिए निचे दिए गए पॉइंट्स को फॉलो करें।

  • Per-page 10 पोस्ट से ज्यादा न रखे।
  • Post feed में Excerpt ही सेलेक्ट करे।
  • पेज में CSS, Java files का कम इस्तेमाल करे।
  • Animation elements को avoid करें।

16. Comments list को limit रखें

Article में पढ़ने के बाद अपना feedback देने के लिए comment box दिया रहता है, जिसमे यूजर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है इसे comment या feedback बोला जाता है। यह कमेंट वेबपेज के साथ ही लोड होता है और loading time को अफैक्ट करता है। यदि कमेंट की संख्या बहुत अधिक है, तो वह लोड होने में अधिक समय लेगा जिससे आपका कंटेंट लोड होने में ज्यादा समय लेगा।

इस लोडिंग समय को कम करने और आर्टिकल को फ़ास्ट लोड करने के लिए आपको कमेंट की limitation पर खास ध्यान रखना होगा। यदि आपके पेज में एक साथ अनलिमिटेड (बहुत अधिक) कमेंट लोड हो रहा है तो इसे लिमिट करने के लिए अपने वर्डप्रेस के Dashboard > Settings > Discussion में जाएँ और Break comments into pages with वाले ऑप्शन को marked करके लिमिटेशन नंबर टाइप कर दे और save button पर क्लिक कर दे।

17. Core Web Vital को analyze और fix करें

Core web vital Webpage के user experience को measure करने का scale है, जो साइट के Cumulative layout shifting, First input delay और Large contentful paint को measure करता है। यह आपके साइट के स्पीड और लोड होने वाले एलिमेंट्स को टाइम के साथ compare करके आपके साइट के performance score दिखाता है। इस अपडेट को गूगल ने मई 2020 में roll out किया था। इस एल्गोरिथ्म के पीछे गूगल का मकसद User Experience को ठीक करना है।

Core web vital measurements scale:

Largest Contentful Paint (LCP)

  • Good: 2.5 seconds or less
  • Needs improvement: between 2.5 and 4 seconds
  • Poor: more than 4 seconds

First Input Delay (FID)

  • Good: 100ms or less
  • Needs improvement: between 100ms and 300ms seconds
  • Poor: more than 300ms

Cumulative Layout Shift (CLS)

  • Good: 0.1
  • Needs improvement: between 0.1 and 0.25
  • Poor: more than 0.25

अपने वेबसाइट के cwv को चेक करने के लिए GT Matrix tool को use कर सकते है। ये बहुत पॉपुलर टूल है जो आपके पेज के Core web vital score का details दिखाएगा। यदि आपका score measure scale से match नहीं होता तो gt matrix आपको score ठीक करने के टिप्स देता है।

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