2021 Mein Blog Kaise Banaye? Step by step guide in Hindi

Blog Kaise Banaye, 2021 में इसका जवाब बहुत ही आसान है। एक Hosting Purchase करो Domain Name से कनेक्ट करो और पैसे कमाने की तैयारी शुरू कर दो। जी हाँ 2021 में Blogging वैसा ही है जैसा कि किसी दुकान से चिप्स के पैकेट खरीद कर खाना। चिप्स कैसे बना किसने बनाया इससे कोई लेना देना नहीं है।

2021 Mein Blog Kaise Banaye? Step by step guide in Hindi

कुछ सालो पहले Blogging करने के लिए Coding Knowledge होना जरुरी था। मगर अब ऐसा नहीं है, आज के समय में एक आम नागरिक जो किसी खास जानकारी में आगे है वो भी One Click Installer का इस्तेमाल करले कुछ ही मिनटों में ब्लॉग बनाकर ब्लॉग्गिंग शुरू कर सकता है।

सिर्फ Blogging करना ही नहीं बल्कि अब ब्लॉग्गिंग से पैसे कमाना भी बहुत आसान है। जब कोई Beginner ब्लॉग्गिंग से पैसे कमाने की सोचता है तो उसके मन में एक ही बात आती है कि Adsense के जरिये पैसे मिलेंगे। लेकिन Adesnse, एकमात्र Income source नहीं है, इसके अलावा भी बहुत से तरीके है जिससे ब्लॉगर अच्छी Income कर सकता है। जैसे कि Affiliate marketing, influencer, sponsership, monthly subcription आदि।

चलिए देखते है कि बड़ी ही आसानी से सिर्फ कुछ ही स्टेप्स को फॉलो करके पैसे कमाने वाला ब्लॉग कैसे बना सकते है।

अपने Niche का चुनाव करें

Niche (topic) selection blogging शुरू करने का पहला चरण है। ब्लॉगिंग करने के लिए विषय का होना बहुत आवश्यक है। जैसे बिज़नेस करनें के लिए हम किसी एक category का product ( electronics, bekari, software etc.) को supply करते है, उसी प्रकार ब्लॉग लिखने के लिए किसी एक विषय का होना आवश्यक है।

वह विषय जिस पर आप लिखना चाहते है, आपके नॉलेज के अंदर का होना चाहिए। यदि आप कोई ऐसा niche select करते है जिसका आपको ज्यादा knowledge नही है, तो future में आप बोर हो सकते है या आप अपने audience के problems को सॉल्व नही कर पाएंगे। इसीलिए blogging niche select करते समय उसी विषय को चुने जिसमे आप माहिर है।

Beginner niche selection के समय एक common mistake कर लेते है कि niche का चुनाव keyword searches और CPC rate देखकर कर लेते है और profitable keyword को niche बना लेते है। ऐसा करने से future में दो बड़ी समस्या सामने आती है।

  • यह जरूरी नहीं होता की आप जिस keyword को niche बनाए है उससे related सभी कीवर्ड का search और cpc high हो।
  • यदि आपने कीवर्ड के CPC और Search volume देखकर विषय चुना है और आपको इस विषय में जानकारी नहीं है, तो आप इसे अच्छे से difine नही कर पाएंगे। इससे आप अपने compititor से fight नही कर पाएंगे और आपका ब्लॉग रैंक नहीं करेगा।

आज के समय में ब्लॉग पढ़ने वालों को कमी नही है और ऐसा नहीं है कि सभी एक ही टॉपिक को पढ़ना पसंद करते है। यदि आप किसी विषय में माहिर है इसका मतलब है कि आपको उसमे interest है और अपने वो जानकारी कई जगहों से इकट्ठी की है। ठीक इसी तरह से और भी लोग इस information को ढूंढते है, और reader बारीक से बारीक information चाहता है। ऐसे reader को किसी खास विषय में बारीक जानकारी वही दे सकता है जिसके पास इस विषय का नॉलेज है।

इन सभी बातों का एक ही मतलब है कि आप ऐसा niche चुने जिसे आपको लिखने में मजा आए और इसके साथ ही आपको सफलता मिले। उम्मीद है आप इन बातो को समझ गए होंगें और मन ही मन एक niche का चुनाव भी कर लिए होंगे।

Hosting Server और Domain Name खरीदें

Hosting Server और Domain Name एक ही Company से ख़रीदे तो ज्यादा बेहतर होगा। इससे Hosting को Domain से Connect करने का टाइम भी बचेगा और आपका billing और renewal भी एक ही जगह से हो जाएगा। लगभग सभी Hosting Company होस्टिंग खरीदने पर Domain को One Year के लिए Free देते है। अगर एक ही Company से purchase करना चाहते है तो आपको इस ऑफर का भी लाभ मिलेगा।

चलिए अब Hosting और Domain को एक एक करके समझते है और जानते है की Best Hosting And Domain कैसे ख़रीदे। सबसे पहले Domain Name को समझते है।

Domain Name

बहुत से beginners ये नही जानते कि Domain name क्या है? उसकी जानकारी के लिए छोटा सा intro देखते है। Domain name, DNS directory में asign website address होता है। जैसे www.google.com जो किसी Hosting server के IP address से connected रहता है। इसे और अच्छे से समझने के लिए हम mobile phone के number directory का उदाहरण ले रहे है।

जब भी हमे किसी दूर बैठे परिचित से मोबाइल में बात करना होता है, तो हमे उसके sim card का नंबर याद होना आवश्यक है। लेकिन हमारी पहचान बहुत लोगो से होता है और सभी का नंबर याद रख पाना मुस्किल है इसीलिए हम अपने phonbook में उस नंबर को किसी alphabate name में asign कर लेते है। अब इस नाम पर जाकर कॉलिंग करने पर हम उस नंबर से कनेक्ट हो जाते है।

इसी तरह dns system एक डोमेन डायरेक्टरी है जो server के ip address को domain name से asign करके रखता है। जब भी यूजर डोमेन नेम को सर्च करता है DNS directory उस डोमेन से connect ip address पर यूजर को भेज देता है।

Domain name खरीदते समय आपको कुछ बातो का ध्यान रखना है जो मैने नीचे बताया है ताकि आप सिर्फ डोमेन नही बल्कि Perfect Domain name ले सके।

  • Domain name एक से दो शब्दों का ही ले: यह लोगो को याद रखने और type करने में ज्यादा Easy होता है। जैसे कि Yoast में एक ही शब्द है और Rank Math में दो शब्द है।
  • Domain name Unique होनी चाहिए: आपका डोमेन किसी कंपनी या Blog के नाम का Copy ना हो। इससे आपको ये फायदा होगा कि आपका डोमेन सिर्फ आपके Blog को represent करेगा और future में आप इसका Copyrights ले सकते हो।
  • Brandable domain name लें तो ज्यादा बेहतर है: Brandable से मेरा मतलब ऐसे डोमेन से है जो meaningless word हो जैसे कि google का डिक्शनरी में कुछ मतलब नहीं था और आगे चलकर यह एक Brand बन गया। Brandable domain ही लेना जरुरी नहीं है आप generic domain name (meaningful word like topper) भी ले सकते है इससे कोई extra benefit नही मिलता।
  • Fast और easly typable हो: User हमेशा जल्द रिजल्ट पाना चाहता है और कुछ ही शब्दो को search bar में type करके सर्च करता है।
  • बोलने में कठिन ना हो: इस बात का खास ध्यान रखे कि डोमेन बोलने में बहुत ही आसान हो। यदि डोमेन का प्रोनाउंसेशन अच्छा होगा तो यूजर इसे एक बार में याद कर लेगा और जल्दी भूलेगा नही।
  • Dot Com Domain extension ही रजिस्टर करें: यदि ब्लॉग को दूसरी country में भी दिखाना चाहते है तो आपको .com, .net, और .org जैसे globle domain extension के साथ ही अपना डोमेन रजिस्टर करना चाहिए, इससे आपके साइट पर सभी country से audience आएंगे। ग्लोबल डोमेन एक्सटेंशन में .com extension ही सबसे पॉपुलर है और इस पर audience ज्यादा भरोसा करते है। अगर आप किसी खास कंट्री के लिए ब्लॉग बना रहे है तो भी आप .com extension ले सकते है।
  • Niche से related keyword इस्तेमाल करें: अगर आप एक generic domain ले रहे है तो आपके domain name में niche related keyword होना चाहिए। जो आपके business को represent कर सके। इससे reader आपके डोमेन को देखकर ही आपके ब्लॉग के niche को पहचान लेगा। यदि आप एक branded domain ले रहे है तो इस point को skip कर दे।
  • Double latter का इस्तेमाल ना करें: आपके डोमेन में कोई अक्षर डबल न हो जैसे कि Blogger में “G” latter दो बार आता है। इससे यूजर typing के समय confused हो सकते है और wrong domain type कर सकते है।
  • Number या Special charecter इस्तेमाल न करें: यदि आप डोमेन में Numbers (1-9) या Special charecter ( @,#,$,^,- etc) इस्तेमाल करते है तो यह बोलने और लिखने में कठिन लगेगा और ऐसे डोमेन को type करना user पसंद नहीं करते।
  • किसी अन्य कंपनी के द्वारा Trademarked या Copyrights न हुआ हो: आपके द्वारा चुना गया नाम यदि किसी अन्य company के द्वारा Trademarked या Copyrights हो गया होगा तो आपको इसके लिए कीमत चुकानी पड़ सकती है इसीलिए selected domain को एक बार check कर ले की यह नाम किसी के द्वारा registered न हुआ हो।

ऊपर दिए गए पॉइंट्स को ध्यान में रखकर Blog के लिए एक Domain Name Select कर ले। अभी आपको सिर्फ Domain select करके रखना है उसे Purchase नहीं करना है, क्योकि Hosting के साथ यह आपको एक साल के लिए Free में मिल जाएगा। यदि Domain selection में आपको कोई परेशानी आ रही है तो आप Domain Name Generator Tool का इस्तेमाल कर सकते है।

अब Hosting को समझते है और जानते है कि एक अच्छी होस्टिंग कैसे ख़रीदे।

Hosting Server

Hosting ब्लॉगिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। Website के source files (codes, files etc) को किसी physical storage में store (Host) करना Hosting कहलाता है।

Blog Hosting के लिए हमे ऐसे Server (Physical Storage) की जरूरत है जो 24×7 Uptime दे (ऑन रहे), Blog पर आने वाली Traffic को Handle कर सके, Blog Contents और Source code को Secure रखे और 24×7 Technical Support की Service दे सके। ये बेसिक सर्विस है जो आपको एक Hosting Provider से मिलनी चाहिए। इसके अलावा और भी कुछ चीजे है जो आपको होस्टिंग खरीदते समय ध्यान रखना है। जैसे कि –

  • Bandwidth
  • Storage
  • Multiple website hosting
  • SSL certificate
  • Cloud flare
  • One Click Installer
  • Email forwarding service

मैं आपको Personally suggest करूंगा कि आप Hostinger की Web Hosting Service लें। क्योंकि इसमें आपको वो सभी Features मिल जाएंगे जिसका ज़िक्र मैंने ऊपर किया है।

जब Beginner Web Hosting खरीदने किसी Hosting Service के साइट में जाता है तो वह इस बात पर कंफ्यूज हो जाता है कि उन्हें कौन सी Hosting लेनी है। यह कंफ्यूजन Beginner को इसलिए होता है, क्योंकि उनको पता नही रहता कि किस प्रकार के होस्टिंग को कहा इस्तेमाल करना है।

एक Beginner को Shared Hosting के साथ अपना ब्लॉग होस्ट करना चाहिए। Shared Hosting में Hosting Company एक server (storage) में एक से अधिक वेबसाइट को होस्ट करता है जिसमे से एक Website आपका रहता है। ये होस्टिंग किफायती होती है जिससे आपको ये Cheap Price में मिल जाता है।

Shared Hosting Plan New Blog के लिए Perfect hosting plan है क्योंकि न्यू ब्लॉग में ज्यादा Traffic नही आता और 10000 से 25000 तक ट्रैफिक shared hosting आसानी से handle कर लेता है। जब आपके ब्लॉग में ज्यादा traffic आने लगे तो आप Shared hosting plan को Cloud hosting plan में Upgrade कर सकते है।

Hosting खरीदने के लिए hostinger.in > Hosting > shared web hosting पर जाएं और अपने Requirement के अनुसार Plan Choose करें और Add to cart पर Click करें। मैं आपको Highly Recommend करूँगा कि आप Premium Web Hosting (Best value pack) ही Purchase करें। क्योंकि इसमें आप 100 website बना सकते है। साथ ही आपको एक साल के लिए Domain free दिया जाएगा।

Shared web hosting plan

Add to cart पर क्लिक करने के बाद आप एक नए पेज पर आ जाएंगे। यहाँ आपको 3 Steps पूरा करना है।

#1 Choose a period: यहाँ आपको बताना है कि Hosting कितने Month के लिए लेना है। बाद में आप इसे बढ़ा भी सकते है या Selected duration के बीच में Upgrade भी कर सकते है।

Select hosting plan duration

#2 Create your account: इस section में आपको अपना Email Id Enter करना है जिसे Hostinger में Login करने के लिए यूज करना चाहते है।

SIgn-up in hostinger

#3 Select payment: यहाँ Payment Method Choose करना है जिससे आप Payment करना चाहते है और Payment details fill करना है। इसके बाद Submit secure payment पर click कर दे। कुछ ही Seconds बाद आपका Process Complete हो जाएगा।

Choose payment method

Hosting setup करें

Hosting Purchase कर लेने के बाद अब आपको अपना Hosting Setup करना है। Hosting Setup करने के लिए अपने Hostinger Account पर लॉगिन करें। पहली बार लॉगिन करने पर आपको कुछ इस तरह से दिखाई देगा। यहाँ Setup पर Click करें।

Setup dashboard-hostinger

1. Setup पर क्लिक करने के बाद आपके सामने Setup Window खुल जाएगा। Start Now पर Click करें।

Hostinger setup step 1

2. अब आपको Domain Setup Window दिखाई देगा। इसमें आपको Claim Free Domain को सेलेक्ट करके अपने चुने गए Domain name को टाइप करना है। इसके बाद सर्च पर क्लिक करें और फिर Continue करें।

Hostinger setup step 2

3. अब आपसे पूछा जा रहा है कि आप नई वेबसाइट बनाना चाहते है या अपना पुराना वेबसाइट माइग्रेट करना चाहते है। इस Setup Window में Build a New Website Select करें।

Hostinger setup step 3

4. Select a Platform Setup Window में WordPress Select करना है और अपना Email और एक Strong Password डालना है। इसके बाद Continue पर क्लिक करना है। इस ईमेल और पासवर्ड को आपको याद रखना है क्योकि WordPress Dashboard में लॉगिन करते समय आपसे इसी ईमेल और पासवर्ड को पूछा जाएगा।

Hostinger setup step 4

5. इसके बाद आपको वेबसाइट के लिए एक Template choose करने के लिए कहा जाएगा यहाँ पर आपको Skip पर क्लिक करके Next Step पर चले जाना है।

Hostinger setup step 5

6. इसके बाद Final Setup Window खुलेगा। इसमें आपको “Your choosen website location is” वाले ऑप्शन में एडिट बटन को क्लिक करके अपने सर्वर का Location Select करना है और Finish Setup पर क्लिक करना है। कुछ ही मिनट्स में आपका Hosting Setup Process पूरा हो जाएगा।

Hostinger setup step 6

Domain Registration पूरा करें

अब हमारा Next Step है Domain Name को Register करना। अभी तक हमने अपना डोमेन नाम सेलेक्ट किया है। अब उस डोमेन नाम को अपने नाम पे रजिस्टर करना है।

1. जैसे ही होस्टिंग सेटअप कम्पलीट होगा आपके सामने Your website is ready का Massage दिखाई देगा। इसके साथ ही आपको तीन ऑप्शन दिखाई देगा। इसमें से आपको Manage Site पर क्लिक करना है।

Domain registration step 1

2. अब Finish domain registration पर क्लिक करें और मांगी गई जानकारी भरे। इसके बाद Setup पर क्लिक कर दे।

Domain registration step 2

3. डोमेन रजिस्टर पूरा हो जाने के बाद Continue to control panel पर क्लिक करें।

Domain registration step 3

SSL Certificate Install करें

SSL Certificate सर्वर और यूजर के बीच होने वाले डाटा एक्सचेंज को Encrypt करता है जिससे ये जानकारी थर्ड पार्टी और यूजर ना देख पाए।

1. SSL Certificate इनस्टॉल करने के लिए होस्टिंगर डैशबोर्ड पर Hosting > Manage में जायें और नीचे स्क्रॉल करके Advanced वाले सेक्शन में SSL पर क्लिक करें।

Install SSL Certificate

2. इसके बाद Setup पर क्लिक करके Activate पर क्लिक करें। आपके साइट पर SSL Certificate इनस्टॉल हो जाएगा।

SSL Certificate installation complete

पावरफुल theme install करें

अब अपने ब्लॉग को एक अच्छी लुक देने की बारी है जिससे ब्लॉग ब्रांडेड लगे और यूजर आपके ब्लॉग को पसंद करे। इसके लिए आपको अपने वर्डप्रेस में जाकर एक थीम अपलोड करना है। मगर उससे पहले आपको अपने ब्लॉग के लिए एक बढ़िया सा थीम सेलेक्ट करना है।

मार्किट में बहुत से अच्छी अच्छी थीम आपको मिल जाएगा। लेकिन मै आपको रेकमंड करूँगा कि आप Astra theme अपने ब्लॉग में इनस्टॉल करें। इस थीम की खास बात ये है की ये थीम Lightweight और Well optimized है।

Astra theme में आपको बहुत से Customization feature मिल जाते है जिसके लिए आपको अलग से प्लगइन इनस्टॉल करने की जरुरत नहीं पड़ती। इसके साथ ही Each Page Customization का ऑप्शन भी आपको यहाँ मिल जाता है। जिसकी मदद से आप सभी पेज को अलग अलग तरह से डेकोरेट कर सकते है।

यह थीम एक आल इन वन पैकेज है जिसके बाद आपको किसी और Customization plugin की जरुरत नहीं पड़ेगी। Astra थीम के सभी फीचर को आप यहाँ से देख सकते है।

यह थीम Brainstormforce की टीम के द्वारा तैयार किया गया है। इस थीम के Free Version में आपके Blogging के लिए सभी फीचर्स है एडिशनल फीचर्स के लिए आप इसका Paid Plan भी ले सकते है। इसके अलावा Free में आपको इस थीम के लिए खासतौर पर बनाया गया Plugins भी मिल जाएगा जिसके इस्तेमाल से आप एक Perfect Designed Blog तैयार कर सकते है।

अपने ब्लॉग में थीम इनस्टॉल करने के लिए अपने WordPress Dashboard में लॉगिन करे और Appearance > Themes > Upload Theme पर जायें और Choose file पर क्लिक करें इसके बाद Downloaded Theme को Select करके Install Button पर करें।

Install Powerful Theme

Blog customize करें

WordPress customization ब्लॉग को कस्टमाइज करने का विकल्प देता है। इस विकल्प का इस्तेमाल करके अपने ब्लॉग को यूनिक पहचान और बढ़िया डिज़ाइन दे सकते है। सभी कंपनी का अपना अलग पहचान होता है जैसे apple company में apple fruit इस कंपनी को represent करता है।

इसी तरह से अपने ब्लॉग के लिए डिज़ाइन तैयार करके इसे यूनिक बना सकते है। एक अच्छी डिज़ाइन आपके रीडर को प्रभावित करता है और बढ़िया यूजर इंटरफ़ेस यूजर को आपके साइट को नेविगेट करने में मदद करता है।

WordPress में customization फीचर्स themes के अनुसार कम या ज्यादा हो सकता है। कई themes customization के लिए lots of features provide करता है तो कई themes केवल basic features देते है। यहाँ पर हम cutomization के लिए Astra theme का इस्तेमाल करेंगे और केवल बेसिक फीचर को सेटअप करेंगे जो ब्लॉग के लिए आवश्यक है।

WordPress Blog को customize करने के लिए Dashboard > Appearance > Customize पर जाये। आपके सामने Website Editor का पेज खुल जाएगा। अब निचे दिए स्टेप्स को फॉलो करें –

WordPress cutomization page
  • Color
  • Typography

Logo setup

Example of logo and site title

Logo किसी भी brand को represent करने के लिए एक Sign होता है। Logo को सेटअप करने के लिए Dashboard > Appearance > Customize > Site Identity > Site title & logo पर जाये और Add/Change logo पर क्लिक करे। इसके बाद upload file पर जाये Select file पर क्लिक करके logo file को सेलेक्ट करे और upload कर दे।

Header section में अपने logo का position सेटअप करे। यदि आपके लोगो में साइट टाइटल नहीं है तो आप display site title toggle को ऑन करके अपने site title को logo के साथ दिखा सकते है।

Site Title and logo settings

Add Site icon

Site icon Website के Browser tab में दिखने वाला एक छोटा सा चिन्ह है जो वेबसाइट को represent करता है। यह आपके साइट के लोगो का ही छोटा साइज है।

Site icon settings

Site icon Add करने के लिए Dashboard > Appearance > Customize > Site Identity > Site title & logo > Site Icon पर जाये और Add/Change Image पर क्लिक करे। इसके बाद Upload file पर जाकर आइकॉन अपलोड कर दें।

WordPress site icon setup

Color

Color combination हमारी आंखों को अच्छे लगते है। अच्छे आर्टिकल के साथ ही साइट का color reader के मन को आकर्षित करता है। सभी कलर का अपना अलग उद्दीपन है। जैसे की red color मन में उत्तेजना लाता है और Green color मन को शांत रखता है। यह कलर आपके यूजर को अधिक समय तक आपके ब्लॉग पर रुकने के लिए प्रेरित कर सकता है।

यदि हम color साइकोलॉजी नही जानते तो अपने साइट के लिए color combination सेलेक्ट करना थोड़ा मुस्कील हो जाता है। कलर साइकोलॉजी को समझने के लिए इस विडियो को देखे ताकि अपने ब्लॉग के लिए perfect color सेलेक्ट कर सके।

वर्डप्रेस ब्लॉग में color setup करने के लिए Dashboard > Appearance > Customize > Globle > Colors पर जाये। यहाँ आपको सात प्रकार के color ऑप्शन देखने को मिल जाएंगे। लेकिन इनमे से दो color ऑप्शन ही मुख्य है जिसे आपको सेटअप करना है।

Site color setting wordpress

Themes color – यह कलर आपके वेबसाइट का मुख्या कलर है जो आपके ब्लॉग के मुख्य पार्ट में दिखाई देता है। जैसे header part, footer part, main devider आदि। इस कलर को सेट करने के लिए Theme color के सामने color box पर क्लिक करे और अपना कलर सेलेक्ट करें।

Link color – यह ब्लॉग के anchor text का कलर है जो किसी टेक्स्ट में internal या external लिंक add करने पर दिखाई देता है। इस कलर को सेटअप करने के लिए link color के सामने round box पर क्लिक करे और लिंक कलर सेलेक्ट करें।

इसके अलावा आप अपने ब्लॉग के Link Hover, Heading, Text, Site background और Content background color सेट कर सकते है। सभी Color सेलेक्ट कर लेने के बाद Publish button पर क्लिक करें।

WordPress Setup करें

सर्वर में वर्डप्रेस अपने default settings के साथ install होता है यह सेटिंग्स सभी blogs के लिए परफेक्ट नहीं रहता। WordPress installation के बाद इसके सेटअप को अपने business category के अनुसार बदला जाता है। यह changes WordPress optimize करने के लिए किया जाता है। यह बदलाव search engine और users दोनों को प्रभावित करता है।

इस Post में हम ब्लॉग बनाना सिख रहे है इसीलिए वर्डप्रेस को ब्लॉग के लिए setup करेंगे। WordPress Blog को सेटअप करने के लिए Dashboard > Settings पर जाये। यहाँ पर आप कुछ setup menu देख पाएंगे, जिसे आपको एक एक करके सेटअप करना है।

#1 General

General Settings में ब्लॉग के कुछ सामान्य चीजों को बदलना है। इसके लिए Dashboard > Settings > General पर जाना है और अपने ब्लॉग की कुछ information यहाँ पर डालना है।

WordPress Dashboard > Settings > General

Site Title – यहाँ पर ब्लॉग का नाम एंटर करना है। आपका ब्लॉग नेम आपके डोमेन नेम से अलग है आप चाहे तो अपने domain name को भी यहाँ लिख सकते है।

Tagline – इस सेक्शन में अपने ब्लॉग के लिए Tagline लिखना है। Tagline में आप अपने ब्लॉग में दी जाने वाली service को short में बता सकते है या अपने द्वारा तैयार छोटा सा स्लोगन लाइन लिख सकते है। आप चाहे तो इसे Empty भी छोड़ सकते है।

WordPress Address (URL) – वर्डप्रेस एड्रेस में आपके सर्वर में जिस Directory (Path) में WordPress CMS install हुआ है उसका URL पहले से लिखा रहता है। इसके आपको कुछ भी चेंज नहीं करना है। अगर आप वर्डप्रेस को किसी अन्य directory में ले जाना चाहते है तभी इसे बदले।

Site Address (URL) – इस सेक्शन में ब्लॉग के Homepage का url लिखा रहता है जो WordPress directory में ही रहता है। यदि ब्लॉग का होमपेज किसी अन्य डायरेक्टरी में shift करना चाहते है तो यहाँ एक नया यूआरएल ऐड करें अन्यथा इसे न छेड़े।

Note – यदि आपके ब्लॉग में SSL certificate installed है तो यह सुनिश्चित कर ले कि WordPress address और Site address का URL https:// के साथ लिखा हो न कि http:// के साथ।

Administration Email Address – यदि आपका email address यहाँ show नहीं हो रहा है तो यहाँ अपना ईमेल आई डी एंटर करे। यहाँ पर उस ईमेल आई डी को ही एंटर करे जिसमे आप अपनी साइट के notification पाना चाहते है। इस ईमेल को वर्डप्रेस default mail आई डी मानकर जरुरी इनफार्मेशन इसी को सेंड करता है।

Membership – यहाँ पर Anyone can register वाले ऑप्शन को Unchecked ही रहने दे। यह आपके ब्लॉग की Security के लिए आवश्यक है। इसे checked करने पर कोई भी अनजान यूजर आपके ब्लॉग में register कर सकता है जिससे आपके ब्लॉग को खतरा हो सकता है।

New User Default Role – यदि आप एक personal blog (Single admin user blog) बना रहे है तो Subscriber को select करे, और यदि Organization ब्लॉग बना रहे है तो यहाँ Author को select करें।

Site Language – ब्लॉग के लिए उस language को सेलेक्ट करें जिसमे ब्लॉग लिखना चाहते है। इस language detail से सर्च इंजन blog language को वेरीफाई करता है। ऐसा जरुरी नहीं की Google site language setup को ही पढ़कर ब्लॉग की भाषा का पता लगाएगा। अब गूगल वेबपेज के टेक्स्ट को पढ़कर पोस्ट किस भाषा में है यह पता लगा सकता है।

Time zone, date and time format को अपने country और लोकेशन के according सेटअप कर लें। सेटअप करने के बाद Save Button पर क्लिक करके इसे saved करना ना भूले।

#2 Writing

Writing settings पोस्ट राइटिंग पेज में कुछ पोस्ट सेटअप को default रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे आप article लिखते समय overwrite (बदल) कर सकते है। Writing setting को configure करने के लिए Dashboard > Settings > Writing पर जायें और दिये गए स्टेप्स को फॉलो करें।

Dashboard > Settings > Writing

Default Post Category – यदि आप पोस्ट के लिए किसी Category को defalut रखना चाहते है तो यहाँ उस केटेगरी को सेलेक्ट करें। आपका ब्लॉग नया होने के कारण यहाँ आपको एक ही caregory (Uncategorized) दिखाई देगा। category add करने के लिए Dashboard > category > add new category पर जाये और category add करें।

Default Post Format – WordPress में आर्टिकल को 10 type के format में लिख सकते है जिसमे से ज्यादातर Standard format use किया जाता है। यदि आपका ब्लॉग इन 10 format में से किसी खास फॉर्मेट के अंदर आने वाला है तो यहाँ से उस फॉर्मेट को सेलेक्ट कर लें। आप इसे पोस्ट राइटिंग के समय बदल भी सकते है।

Post by email और Update services को as it is रहने दे। यह सर्विस ईमेल के द्वारा post करने और साइट को pingback देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

#3 Reading

Reading settings यूजर और search engine के लिए configure किया जाता है। WordPress reading setup के लिए Dashboard > Settings > Reading पर जाये और निचे दिए स्टेप्स को फॉलो करें।

Dashboard > Settings > Reading

Your homepage displays – यह सेटिंग्स blog के homepage को configure करता है। जब यूजर आपके ब्लॉग का डोमेन search bar में type करके search करता है तो वह सीधे आपके होमपेज पर redirect हो जाता है। default रूप से आपका latest post ही blog का homepage रहता है। यदि आप अपने ब्लॉग का होमपेज किसी Custom Page को बनाना चाहते है तो A static page (select below) को सेलेक्ट करें, इसके बाद homepage में उस पेज को सेलेक्ट करें जिसे आप होमपेज बनाना चाहते है और Post Page में उस पेज को सेलेक्ट करें जहाँ आप अपने latest blog post को दिखाना चाहते है।

Blog pages show at most – अपने ब्लॉग पोस्ट वाले पेज में आप एक बार (Single loading request) में कितने पोस्ट दिखाना (load करना) चाहते है उनकी संख्या यहाँ दर्ज करें।

Syndication feeds show the most recent – यह सेटअप beginners के लिए नहीं है। इस सेक्शन में आपको अपने RSS feed से एक बार में कितने आइटम किसी RSS subscriber को भेजना है इसकी संख्या दर्ज करे। आपका ब्लॉग अभी इसके लिए तैयार नहीं है इसीलिए इसे जैसा है वैसे रहने दे।

For each post in a feed, include – Latest blog post page (Post feed) में आप अपने आर्टिकल को दो तरह से दिखा सकते है। #1 अपने पोस्ट के टाइटल के साथ पोस्ट की Short summary दिखा सकते है, #2 आप चाहे तो इस पेज में Summary के बदले अपनी पूरी पोस्ट दिखा सकते है। मै आपको recommend करूँगा की आप Post summary show करें। Post summary दिखाने के लिए Excerpt को सेलेक्ट करे, पूरी पोस्ट दिखाने के लिए Full text को सेलेक्ट करें।

Search engine visibility – यह बहुत ही important सेटिंग है, आपके ब्लॉग को SERPs (search engine result pages) में लाना है या नहीं ये इसी सेटिंग के द्वारा तय किया जाता है। इस setting को Unchecked ही रखे। इससे आपका ब्लॉग SERPs में आएगा।

#4 Discussion

WordPress discussion setting में आप अपने यूजर के एक्टिविटी को कंट्रोल कर सकते है। यहाँ आप यूजर इंटरेक्शन के लिए एक rule create कर सकते हो। यहाँ आप ये dicide कर सकते है कि आपके यूजर ब्लॉगपोस्ट में कमेंट कर सकता है या नहीं, कितने कमेंट सिंगल पेज में दिखने चाहिए आदि। Discussion सेटिंग के लिए Dashboard > Settings > Discussion पर जाये और इन स्टेप्स को फॉलो करें।

Dashboard > Settings > Discussion

Default post settings

Default post settings
  • Attempt to notify any blogs linked to from the post – यदि आप इस बॉक्स को mark करते है तो आपके blog post में लिंक किये जाने वाले साइट को नोटिफिकेशन जाएगा। आप इसे unmarked ही रहने दें।
  • Allow link notifications from other blogs (pingbacks and trackbacks) on new posts – यदि आप इस बॉक्स को mark करते है तो किसी अन्य ब्लॉग पोस्ट द्वारा आपके किसी पोस्ट को लिंक करने पर आपको उसका notification मिलेगा। इसे भी unmarked ही रहने दें।
  • Allow people to submit comments on new posts – यदि आप इस बॉक्स को mark करते है तो people आपके नए ब्लॉग पोस्ट पर comment कर पाएंगे। यदि आप चाहते है की आपके यूजर आपके पोस्ट में कमेंट कर सके तो इस बॉक्स को marked रखें।

Other comment settings

Other comment settings
  • Comment author must fill out name and email – इस बॉक्स को mark करने पर यूजर के द्वारा कमेंट करते समय उसका नाम और ईमेल पूछा जाएगा और इसे भरना आवश्यक होगा। इस बॉक्स को marked रखे, ताकि कमेंट करने वालो की डिटेल्स आप तक पहुंचे।
  • Users must be registered and logged in to comment – इस बॉक्स को mark करने पर ऐसा यूजर आपके पोस्ट पर कमेंट नहीं कर पाएगा जो आपके ब्लॉग पर लॉगिन नहीं है। इसे unmarked ही रखे ताकि interested user आपको feedback दे सके।
  • Automatically close comments on posts older than days – इस बॉक्स को mark करने पर कमेंट करने का permission तय किये गए समय के बाद बंद हो जाएगा। इस बॉक्स को unmarked रखें।
  • Show comments cookies opt-in checkbox, allowing comment author cookies to be set – इस बॉक्स को mark करने पर यूजर को कमेंट करते समय “save my details for next time” का चेकबॉक्स show होगा। इसे marked ही रखें।
  • Enable threaded (nested) comments X levels deep – इस बॉक्स को mark करने पर यूजर के कमेंट पर हुआ interaction तय किया गया level तक threaded में दिखाई देगा। आप इसे maximum 10 deep level तक सेटअप कर सकते है। इस बॉक्स को marked रखे और deep level 5 रखें।
  • Break comments into pages with X top level comments per page and the last/first page displayed by default Comments should be displayed with the older/newer comments at the top of each page – इस ऑप्शन में आप यह सेटअप कर सकते है कि एक पेज में आप कितने कमेंट देखना चाहते है और कमेंट का sort भी सेट कर सकते है। यदि आप कमेंट को एक पेज में लिमिट रखना चाहते है तो इस बॉक्स को mark करके कमेंट की संख्या दर्ज करें।

Email me whenever

Email me whenever
  • Anyone posts a comment – यदि आप चाहते है की कोई भी यूजर आपके पोस्ट में comment कर सके तो इस बॉक्स को marked रखे।
  • A comment is held for moderation – यह सेटिंग बहुत खास है। यदि आप इसे mark करते है तो जब भी कोई आपके पोस्ट पर कमेंट करेगा वह approval के लिए hold पर चला जाएगा। यह security purpose से बहुत अच्छा है इसे mark रखे।

Before a comment appears

Before a comment appears
  • Comment must be manually approved – इस बॉक्स को mark करने पर आपके ब्लॉग पर किया गया कमेंट आपके approval के बिना published नहीं होगा। इस बॉक्स को मार्क करें।
  • Comment author must have a previously approved comment – इस बॉक्स को unmarked ही रहने दे। यदि आप इसे mark करते है तो ब्लॉग पर किया गया ऐसे यूजर का कमेंट आटोमेटिक approved हो जाएगा जिसका पहला कमेंट approve हो चूका है।

Comment Moderation – Comment moderator का इस्तेमाल ऐसे शब्दों को फ़िल्टर करने के लिए किया जाता है जो आपके ब्लॉग पर spam बढ़ा सकते है। यदि आप किसी spammy कमेंट को मॉडरेशन पर रखना चाहते जिसमे spammy शब्द है, तो उस शब्द को इस बॉक्स में टाइप करे। आप एक से अधिक शब्द इस बॉक्स में add कर सकते है।

Comment moderation

Disallowed Comment Keys – इस feature का इस्तेमाल किसी हानिकारक कमेंट को automatic delete करने के लिए किया जाता है। इस तरह के कमेंट की पहचान कमेंट में availble keyword से किया जाता है। यदि आप किसी कीवर्ड को कमेंट में आने से रोकना चाहते है, तो उस कीवर्ड को यहाँ टाइप करें।

Disallowed comment keys

Avatars

Avtars
  • Avatar Display – इस बॉक्स को marked करने से कमेंट किये गए यूजर का Profile picture कमेंट के साथ शो होगा। इस बॉक्स को marked करें।
  • Default Avatar – यहाँ कुछ Preloaded avtar (Profile picture) दिया गया है यह अवतार किसी यूजर के प्रोफाइल में custom picture न होने की स्थिति में दिखाई देगा। अपनी मनपसंद कोई एक अवतार यहाँ सेलेक्ट करें।

इसके बाद Save Button पर क्लिक करके configuration को save कर लें।

#6 Media

Media Settings में वेबपेज में यूज़ किये जाने वाले image की size सेटअप करना है जो आपके पोस्ट और डिज़ाइन के लिए फिट हो।

Image sizes

ये साइज आपके पोस्ट में इमेज लगते समय instant size change करने का ऑप्शन देता है। यहाँ साइज को mentioned करने के बाद आप अपने post edittor पेज से सीधे इस size को drop down menu से अप्लाई कर सकते है।

Media settings

Thumbnail size – सबसे पहले आपको अपने इमेज का thumbnail size को सेटअप करना है। इसमें आप 150 width और 150 height रखे, ये thumbnail के लिए परफेक्ट साइज है। Crop thumbnail to exact dimensions (normally thumbnails are proportional) को marked कर दे।

Medium size – medium size को अपने जरुरत के according सेटअप कर ले। recommended setting 300×300 ज्यादा बेटर है।

Large size – large size आपके पोस्ट में यूज़ होने वाले डिफ़ॉल्ट साइज है। यदि आप post editor में साइज को नहीं बदलते तो large size ही अप्लाई होता है। इसे 1024×1024 रखे या अपने जरुरत के हिसाब से इसने बदलाव कर ले।

Uploading Files

यदि आप डायरेक्टरी में अपलोड होने वाले इमेज को date वाइज folder में सेव रखना चाहते है तो Organize my uploads into month- and year-based folders को marked करें।

#7 Permalink

Permalink settings

Permalink वेबपेज का address है जो किसी पोस्ट तक पहुंचने के लिए आवश्यक है। जब आप किसी पोस्ट को पढ़ रहे होते है तो इसका एड्रेस आपको सर्च बार में दिखाई भी देता है। इसे slug के नाम से भी जानते है। इस permalink के द्वारा ही search engine आपके webpage को क्रॉल करते है और किसी यूजर को आपके वेबपेज पर redirect करता है।

इस permalink को आप पूरी तरह से customize कर सकते है। साथ ही इसके लिए आपको पांच preloaded structure भी मिल जाते है जिसमे से आप किसी को भी इस्तेमल कर सकते है। यदि आपका ब्लॉग news blog है तो आपको Day and name preloaded structure को सेलेक्ट करना है। इसमें आपके पोस्ट की तारीख भी दिखाई देगा।

और यदि आपका ब्लॉग किसी niche से रेलेटेड है तो Post name को select करें। इसे perfect and optimized permalink structure माना जाता है और ज्यादातर इसे ही इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा आप custome structure ऑप्शन को यूज़ करके खुद का structure तैयार कर सकते है।

अब आपका ब्लॉग आर्टिकल पब्लिश करने के लिए तैयार है। मै उम्मीद करता हूँ ये गाइड आपके नए ब्लॉग शुरू करने में मददगार साबित हुआ होगा। यदि आपको ब्लॉग शुरू करने में कोई समस्या आ रही है तो आप मेरा फ्री कंसल्टेशन सर्विस का इस्तेमाल करके मुझे अपनी समस्या बता सकते है। मै जितना ज्यादा हो सके आपकी मदद करूँगा।

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